शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2007
मंगलवार, 23 अक्टूबर 2007
शुक्रवार, 19 अक्टूबर 2007
शेयर बाजार - खरीदी का ठीक मौका
शेयर बाजार में करेक्शन का दौर है, बहाना चाहे जो हो। यह करेक्शन लंबे समय से अपेक्षित था। अलबत्ता, दिवाली पर पीटने के लिए लिवाली का अच्छा मौका बन रहा है। लेकिन बाजार में लघुअवधि में फायदा वही उठा पाते हैं जो हवा का रुख भांपने में सक्षम होते हैं। पूरा खेल यह है कि क्या आप इस बात का सटीक अनुमान लगा पाते हैं कि बाजार में बहुमत की धारणा क्या है। अगर हां, तो आप राजा हैं। दूसरा फैक्टर है डर और लालच। बाजार से फायदा उठाना है तो इऩ पर विजय पानी होगी।
खैर, शेयर बाजार में इस समय आशंकाओं का राज है। यह कितना गहरा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाइए कि रिलायंस इंडस्ट्रीज व विप्रो के नतीजे भी इऩ पर काबू न कर सके।
मेरी बाई लिस्ट
1यूको बैंक (39 से नीचे खरीदें)
2 एचएफसीएल (22-23 पर लें)
3 टेलीडाटा (55 से नीचे)
4 कोठारी शुगर (12 पर लें)
5 बलरामपुर चीनी (50 पर आने का इंतजार कर लें)
6. केसीपी शुगर (18 के नीचे खरीदें)
कल फिर बात करते हैं।
खैर, शेयर बाजार में इस समय आशंकाओं का राज है। यह कितना गहरा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाइए कि रिलायंस इंडस्ट्रीज व विप्रो के नतीजे भी इऩ पर काबू न कर सके।
मेरी बाई लिस्ट
1यूको बैंक (39 से नीचे खरीदें)
2 एचएफसीएल (22-23 पर लें)
3 टेलीडाटा (55 से नीचे)
4 कोठारी शुगर (12 पर लें)
5 बलरामपुर चीनी (50 पर आने का इंतजार कर लें)
6. केसीपी शुगर (18 के नीचे खरीदें)
कल फिर बात करते हैं।
तुम्हारी
यह कविता मैने नहीं लिखी
कुछ बिखरे चांद कतरे
लुढ़कती लहरों पर सवार हैं जैसे
स्थिर, ध्यानमग्न, निश्चल
अपने बहते आसन पर
समयधारा पर सवार वैसे ही हम
हैं कायम वहीं, जहां थे
एहसासों से बंधी एक रचना में
न बिखरते, न सिमटते
क्योंकि यह जानते हैं हम
इस रचना के मध्य में है स्थित
वह धुरी
जिसपर पृथ्वी घूमती है.
लुढ़कती लहरों पर सवार हैं जैसे
स्थिर, ध्यानमग्न, निश्चल
अपने बहते आसन पर
समयधारा पर सवार वैसे ही हम
हैं कायम वहीं, जहां थे
एहसासों से बंधी एक रचना में
न बिखरते, न सिमटते
क्योंकि यह जानते हैं हम
इस रचना के मध्य में है स्थित
वह धुरी
जिसपर पृथ्वी घूमती है.
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